Sunday, December 3, 2023
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OMG 2 Review: सेंसर बोर्ड का निर्णय क्या सही?

पहले यह की ‘OMG 2’ या ‘ओह माय गॉड 2’ फिल्म अक्षय कुमार की नहीं है, बल्कि यह एक फिल्म है जिसमें पंकज त्रिपाठी और यामी गौतम की मुख्य भूमिकाएँ हैं। अभिनेता अक्षय कुमार इसमें एक प्रेरणास्त्रोत के रूप में प्रस्तुत हैं। कैसे लगता है कि आप कैटलिस्ट हैं? उनके प्रेरणास्त्रोत से यह फिल्म सेंसर बोर्ड के दरकिनार पर भी पहुँची है। फिल्म देखने के बाद, अगर किसी को इसकी संक्षिप्त समीक्षा की एक पंक्ति माँगी जाए, तो मैं यह कहूँगा कि इस फिल्म को देखने वाली परीक्षण समिति यानी सेंसर बोर्ड की जांच करने वाले सभी सदस्यों को तत्काल प्रभाव से मुक्त कर देना चाहिए। सेंसर बोर्ड में उन सिनेमा ज्ञानियों को स्थान देना चाहिए जिन्हें बदलते समाज की नई आदर्शों और सामाजिक आवश्यकताओं को समझने की क्षमता हो, और जो इस दिशा में प्रयास करते हैं कि सिनेमा को प्रोत्साहित किया जाए।

Movie Reviewओएमजी 2 (ओह माय गॉड 2)
कलाकारपंकज त्रिपाठी , यामी गौतम , पवन मल्होत्रा , अरुण गोविल , बृजेंद्र काला और अक्षय कुमार
लेखकअमित राय
निर्देशकअमित राय
निर्माताअरुणा भाटिया , विपुल डी शाह , अश्विन यर्डे , अजित अंधारे , ज्योति देशपांडे और आदि
रिलीज11 अगस्त 2023
रेटिंग4/5


फिल्म ‘OMG 2’ एक सजीव गवाही मानती है। जो सच है, वही सुंदर है; और जो सुंदर है, वही शिव है। सत्य, शिव और सौंदर्य – इनका एक ही अर्थ भी यही है। यह एक विस्मयकारी स्थिति होती है जब हम नकली समाज की नकली कहानियों पर आधारित नकली फिल्में देखते हैं। इन फिल्मों में दर्शकों की सोच को बदलने की कोई क्षमता नहीं होती है, और जब ऐसा होता है, तो ‘ओएमजी 2’ जैसी चर्चित फिल्में उत्पन्न होती हैं, जिनके निर्माताओं को फिल्म की रिलीज के लिए अनेक परिश्रम करने पड़ते हैं। यह फिल्म केवल वयस्कों के लिए नहीं है, बल्कि इसका सन्देश हर उम्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। इसे सभी युवाओं को देखना चाहिए, और यदि संभव हो, तो सभी स्कूलों में उन सभी छात्रों को, खासकर आठवीं कक्षा के बाद के, इस फिल्म को समूह में दिखाने का आयोजन करना चाहिए।

यौन शिक्षा की आवश्यकता को प्रकट करने वाली चित्रित कहानी, ‘OMG 2’, जो कि एक स्कूल के सन्दर्भ में है, समाज में विकसित सामाजिक परिवर्तनों की अद्भुत दास्तानी है। किशोर आयु के एक छात्र को संस्कृतिक कार्यक्रमों के तैयारी के बीच उसकी पसंदीदा सहयोगिनी से अलग कर दिया जाता है। उसके साथियों द्वारा उसके शारीरिक आकार का मजाक बनाया जाता है, जिससे उसके मन में संदेहों की बीज बो दी जाती है। अब वह बच्चा यह जानने के लिए चिंतित हो जाता है कि सामान्य शारीरिक आकार कैसा होता है। उसका रास्ता नीम हकीमों के पास जाते है, जो जड़ी-बूटी बेचते हैं, और उसके बाद उसे नकली वियाग्रा खिलाकर बीमार कर देते हैं। स्कूल उसकी इस हरकत को सामाजिक दोष की दृष्टि से देखता है, और उसके पिता ने स्कूल के प्रबंधन, नीम हकीम, जड़ी-बूटी विक्रेताओं, और मेडिकल स्टोर के मालिक के खिलाफ मुकदमा कर दिया है। असली कहानी यहाँ से शुरू होती है।

पूरे परिवार के दर्शनीय चित्रित कला का उपभोग करने योग्य फिल्म, चलचित्र ‘OMG 2’ उन नवयुवकों के लिए एक आदर्श चयन है जिन्हें ‘न्यू मिलेनियल्स’ कहा जाता है। यह चित्रपट वह दर्शाता है जो देश में ऐसे शैक्षिक मान्यताओं के खिलाफ है जो यौन शिक्षा को तबू घोषित करते हैं, उस देश में जहाँ कामसूत्र का निर्माण हुआ था और जहाँ पंचतंत्र की कहानियों में शिक्षा का महत्व बताया गया है। चित्रपट में विदेशी शैक्षिक प्रणाली से आदर्शित एक प्रमुख शहर के एक प्रमुख विद्यालय में छात्रों पर डांट की प्रथा का वर्णन किया गया है। यह छात्रों को विष पीने के लिए बाध्य करता है। इस दौरान, ये छात्र रात्रि में महाकाल के प्रसाद के रूप में अपनी नवयुवक शैली से फिल्म ‘गदर’ का गीत भी गाते हैं। चलचित्र ‘OMG 2’ अपने विषय, निर्देशन, पटकथा और समग्र प्रभाव में एक उत्कृष्ट चलचित्र है। यदि चलचित्र की संगीत प्रतिभागी नहीं थी, तो यह चलचित्र पांच सितारों के पात्री बनने के पात्र था।

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